प्रयागराज/वाराणसी
बच्चों से यौन शोषण के आरोपों में FIR दर्ज होने के बाद शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर जांच तेज हो गई है। प्रयागराज पुलिस की एक टीम सोमवार दोपहर वाराणसी पहुंची। पुलिस शंकराचार्य से पूछताछ कर सकती है और जरूरत पड़ने पर गिरफ्तारी की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है।
सोमवार सुबह वाराणसी स्थित आश्रम में शंकराचार्य ने अपने वकीलों के साथ बैठक की। माना जा रहा है कि गिरफ्तारी से बचाव के लिए वे हाईकोर्ट का रुख कर सकते हैं। बैठक के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा, “मैं कहीं भाग नहीं रहा हूं। पुलिस का सामना करूंगा। जिन बच्चों के यौन शोषण के आरोप लगाए जा रहे हैं, वे मेरे गुरुकुल के नहीं हैं। जनता को यूपी पुलिस पर भरोसा नहीं है, इसलिए जहां भाजपा सरकार नहीं है, उस राज्य की पुलिस से जांच कराई जाए।”
इस बीच सोमवार सुबह एक महिला भक्त शंकराचार्य का आशीर्वाद लेने आश्रम पहुंची। आरोपों से आहत होकर वह भावुक हो गई और फूट-फूटकर रोने लगी। इस पर शंकराचार्य ने उसे समझाते हुए कहा, “रोना तब, जब गुरु गड़बड़ निकल जाए।”
इससे पहले रविवार को पुलिस शिकायतकर्ता आशुतोष महाराज के साथ माघ मेला क्षेत्र पहुंची थी। वहां उस स्थान का निरीक्षण किया गया, जहां शंकराचार्य का शिविर लगा था। पुलिस ने शिविर के आने-जाने के रास्तों और आसपास के इलाके का नक्शा भी तैयार किया।






