नई दिल्ली
दिल्ली हाईकोर्ट ने 2017 के उन्नाव दुष्कर्म मामले से जुड़े एक अहम घटनाक्रम में पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की सजा को निलंबित कर दिया है। जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद की अध्यक्षता वाली बेंच ने ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली सेंगर की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया।
हाईकोर्ट ने सेंगर को जमानत देते हुए कई सख्त शर्तें लगाई हैं। अदालत ने निर्देश दिया है कि सेंगर दिल्ली में ही रहेंगे और उस स्थान के पांच किलोमीटर के दायरे में नहीं जाएंगे, जहां पीड़िता निवास करती है। इसके अलावा, कोर्ट ने सेंगर को 15 लाख रुपये का बॉन्ड भरने का भी आदेश दिया है।
अदालत ने स्पष्ट किया कि ट्रायल कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका के लंबित रहने तक सजा निलंबित रहेगी। हालांकि, सेंगर को जमानत की शर्तों का सख्ती से पालन करना होगा।
गौरतलब है कि 16 दिसंबर 2019 को दिल्ली की तीस हजारी अदालत ने रेप पीड़िता के पिता की हिरासत में हत्या के मामले में कुलदीप सिंह सेंगर को दस साल की सजा सुनाई थी। इसके साथ ही कोर्ट ने उन पर 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था।
इस मामले में सेंगर समेत कुल सात आरोपियों को भी दस-दस साल की कैद और दस-दस लाख रुपये के जुर्माने की सजा दी गई थी। ट्रायल कोर्ट के इसी फैसले को सेंगर ने दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है, जिस पर सुनवाई अभी जारी है।






