बहराइच से शार्पदृष्टि की रिपोर्ट
कतर्नियाघाट के ट्रांस गेरुआ क्षेत्र में बुधवार देर शाम यात्रियों से भरी नाव कौड़ियाला नदी में डूब गई। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। देर रात तक बचाव अभियान जारी रहा और गुरुवार सुबह जब उजाला हुआ, तो नदी किनारे मातम का माहौल था। परिजनों की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।हादसे में 65 वर्षीय रामजेई पत्नी मटरू का शव बरामद हुआ है, जबकि आठ लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। प्रशासन के अनुसार अब तक 13 लोगों को सुरक्षित बचाया गया है। सबसे डराने वाली बात यह है कि जिस कौड़ियाला नदी में नाव डूबी, वहां 1200 मगरमच्छों और घड़ियालों से भरी हुई है। वन विभाग के सर्वे के मुताबिक, गेरुआ और कौड़ियाला नदी में करीब 600 घड़ियाल हैं, जबकि मगरमच्छों की संख्या 1200 से अधिक बताई जाती है। इस वजह से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।रात दो बजे एनडीआरएफ की टीम गांव पहुंची और प्रशासन के साथ मिलकर पूरी रात सर्च अभियान चलाया गया। भोर चार बजे से एनडीआरएफ और पीएसी की टीमें फिर से राहत व बचाव कार्य में जुटीं। इस बीच सर्च अभियान के दौरान एक जंगली हाथी ने टीम पर हमला कर दिया। आईजी, लेखपाल संजय सिंह और सहायक लेखपाल आदर्श कुमार को हाथी ने दौड़ा लिया। टीम के सदस्य किसी तरह भागकर बच निकले, हालांकि आदर्श कुमार गिर पड़े और उन्हें हल्की चोटें आईं। बाद में सभी को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया।नदी किनारे अब भी लापता लोगों के परिजन टॉर्च लेकर उम्मीद में बैठे हैं, कि शायद कोई उनका अपना लौट आए।





