नयी दिल्ली
पंजाब की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। चार दिन पहले पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सार्वजनिक तौर पर यह संकेत दिया था कि भारतीय जनता पार्टी में उनसे सलाह नहीं ली जा रही है, जिससे यह अटकलें लगने लगीं कि वे भाजपा छोड़कर कांग्रेस में वापसी कर सकते हैं।
इस बयान के ठीक अगले दिन कैप्टन अमरिंदर सिंह की पत्नी मीडिया के सामने आईं और उन्होंने इन अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश की। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि कैप्टन न तो कहीं जा रहे हैं और न ही पार्टी बदलने का कोई सवाल है। उनके मुताबिक कैप्टन अमरिंदर सिंह पहले भी भारतीय जनता पार्टी में थे, आज भी भाजपा में हैं और आगे भी भाजपा में ही रहेंगे।
इसी बीच एक और घटनाक्रम ने सियासी गलियारों में चर्चा को और तेज कर दिया है। जानकारी के मुताबिक जिस प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारी ने कैप्टन अमरिंदर सिंह को नोटिस भेजा था, उसका तबादला दिल्ली से करीब 2700 किलोमीटर दूर चेन्नई कर दिया गया है। इस ट्रांसफर को लेकर भी तरह-तरह के राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं।
फिलहाल कैप्टन अमरिंदर सिंह के कांग्रेस में लौटने को लेकर अटकलें जारी हैं, लेकिन परिवार के ताजा बयान और राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच सच्चाई क्या है, इस पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।







