लखनऊ
मायावती ने गेस्ट हाउस कांड और टाइप-8 बंगले को लेकर हो रहे राजनीतिक आरोपों पर बुधवार को स्थिति स्पष्ट की। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि 2 जून 1995 को लखनऊ के गेस्ट हाउस में उन पर हुए जानलेवा हमले के बाद उनकी सुरक्षा में भारी बढ़ोतरी की गई थी। इसी सुरक्षा आवश्यकता के चलते उन्हें टाइप-8 बंगला आवंटित किया गया, जिसे उन्होंने स्वीकार किया है।
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि इस मामले में जानबूझकर किस्म-किस्म की गलत बातें प्रचारित की जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय की समाजवादी पार्टी सरकार के दौरान हुए गेस्ट हाउस कांड के बाद, 3 जून 1995 को बनी बसपा की पहली सरकार के समय से ही उन्हें भारत सरकार की ओर से विशेष उच्च सुरक्षा दी गई थी।
मायावती ने कहा कि सुरक्षा खतरा कम होने के बजाय समय के साथ और बढ़ा है। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री होने के नाते उन्हें पहले भी दिल्ली में टाइप-8 बंगला दिया गया था और अब दोबारा मिला है, जिसे उन्होंने सुरक्षा कारणों से स्वीकार किया है। उन्होंने विपक्षी दलों से इस मुद्दे पर “घृणित राजनीति” न करने की अपील की।
मायावती ने फिर दोहराया—अकेले ही लड़ेंगे चुनाव
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मायावती ने एक बार फिर साफ किया कि बहुजन समाज पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव अकेले दम पर लड़ेगी और किसी भी पार्टी से गठबंधन नहीं करेगी।
उन्होंने दावा किया कि बसपा अकेले चुनाव लड़कर 2027 में उत्तर प्रदेश में अपनी सरकार बनाएगी। मायावती ने कहा कि वह लंबे समय से हर मंच और हर बैठक में यह बात दोहराती रही हैं कि पार्टी को अपने दम पर ही चुनावी मैदान में उतरना है।





