गोरखपुर की रिपोर्ट
शहीद अशफाक उल्ला खान प्राणी उद्यान (गोरखपुर चिड़ियाघर) की 16 वर्षीय बाघिन मैलानी का बुधवार को निधन हो गया। वह बीते कुछ समय से लीवर और किडनी की गंभीर समस्या से जूझ रही थी। वर्ष 2021 में लखनऊ चिड़ियाघर से गोरखपुर लाई गई मैलानी ने चार वर्ष यहां बिताए। चिड़ियाघर के निदेशक डॉ. बी. ब्रह्मा ने बताया कि बाघिन की उम्र अधिक होने के कारण उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो गई थी। हाल में वह बर्ड फ्लू संक्रमण की चपेट में आई थी, जिसके बाद उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। पशु अस्पताल में कई चिकित्सकों की देखरेख में उसका इलाज चल रहा था, लेकिन बुधवार को उसने दम तोड़ दिया।
डॉ. योगेश प्रताप सिंह, उपनिदेशक (चिकित्सा) ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बाघिन की किडनी और लीवर के खराब होने की पुष्टि हुई है। उन्होंने कहा कि उम्र और संक्रमण के कारण उसका पाचन तंत्र प्रभावित हो गया था। मैलानी गोरखपुर चिड़ियाघर की पहली बाघिन थी, जिसे 2021 में उद्घाटन के समय लखनऊ से लाया गया था। उसने चिड़ियाघर में चार साल तक लोगों का ध्यान आकर्षित किया और अब उसकी यादें ही बाकी रह गई हैं।





