गोरखपुर
औद्योगिक क्षेत्रों के बीच टैक्स व्यवस्था को लेकर उद्यमियों का असंतोष बढ़ता जा रहा है। शहर के दो प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र—गीडा और इंडस्ट्रियल एस्टेट—में अलग-अलग कर नीति लागू होने से उद्योगपतियों ने इसे अनुचित बताया है। उनका कहना है कि समान सुविधाओं के बावजूद इंडस्ट्रियल एस्टेट के उद्यमियों को गीडा की तुलना में करीब साढ़े चार गुना अधिक टैक्स देना पड़ रहा है।
चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष आरएन सिंह के अनुसार, नगर निगम इंडस्ट्रियल एस्टेट से व्यावसायिक दर पर कर वसूलता है, जबकि गीडा में ऐसा नहीं है। इससे लागत बढ़ रही है और प्रतिस्पर्धा प्रभावित हो रही है। उद्यमियों का कहना है कि बिजली, पानी, सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं दोनों क्षेत्रों में समान हैं, फिर भी कर में भारी अंतर समझ से परे है।
उद्यमी इस मुद्दे को कई बार प्रशासन के सामने उठा चुके हैं, लेकिन समाधान नहीं हुआ। अब वे मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग करने की तैयारी में हैं। उनका कहना है कि एक समान कर नीति लागू होने से उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा का माहौल बनेगा।





