लक्ष्मीपुर से श्रीनरायन गुप्ता
ग्राम पंचायत बनरसिहा कला स्थित प्राचीन बौद्ध स्थल देवदह में तेज़ी से चल रहे विकास कार्यों का जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने सोमवार दोपहर विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने विपश्यना हाल, नव-निर्मित अतिथि गृह, प्राचीन बौद्ध स्तूप, उत्खनन स्थल एवं जलाशय के सौंदर्यीकरण कार्यों का बारीकी से अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित विभागों,पर्यटन, राजस्व, उत्खनन तथा पंचायत,के अधिकारियों को निर्देश दिए कि देवदह के विकास की योजनाएं केवल कागजों पर नहीं, अपितु धरातल पर तेजी से दिखाई देनी चाहिए।
बनरसिहा कला गांव में स्थित देवदह को गौतम बुद्ध के ननिहाल के रूप में जाना जाता है। पुरातत्व विभाग के उत्खनन में यहाँ प्राचीन बौद्ध स्तूप, विशाल जलाशय, राजमहल के अवशेष और कई ऐतिहासिक धरोहरें मिली हैं, जो इसे अंतरराष्ट्रीय बौद्ध पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की महत्वपूर्ण संभावना दर्शाती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए यहाँ लगभग 88 एकड़ भूमि को संरक्षित कर बौद्ध सर्किट के विकास का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
आकर्षक का केंद्र है विपश्यना भवन
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सबसे बड़ा आकर्षण करीब एक करोड़ की लागत से बना विपश्यना हाल और आधुनिक अतिथि गृह है, जो पूर्ण रूप से तैयार हो चुका है। जिलाधिकारी ने इन दोनों निर्माणों का निरीक्षण कर संतोष व्यक्त किया और इनके संचालन में पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
20 एकड़ अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण का निर्देश
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि देवदह को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बौद्ध पर्यटन केंद्र विकसित करने के लिए विपश्यना हाल के बगल में लगभग 20 एकड़ भूमि का नियमानुसार क्रय किया जाए। उन्होंने कहा कि भूमि उपलब्ध होते ही यहाँ पर्यटकों हेतु पार्किंग, ध्यान केंद्र, खुले थिएटर, भोजनालय और वृक्षारोपण जैसे अतिरिक्त विकास कार्य कराए जा सकेंगे।बौद्ध मूर्तियों की स्थापना का प्रस्ताव का निर्देश दिया।इस दौरान उपजिलाधीकारी नौतनवा नवीन कुमार, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी गोरखपुर आरती यादव, क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी कृष्ण मोहन दुबे, सीओ अंकुर गौतम, बीडीओ मृत्युंजय यादव,तथा स्थानीय समाजसेवी जितेंद्र राव, महेंद्र जायसवाल उपस्थित रहे





