लखनऊ
गोमती नगर स्थित जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय केंद्र (जेपीएनआईसी) को लेकर एक बार फिर गतिविधियां तेज हो गई हैं। अखिलेश यादव सरकार के दौरान शुरू हुए इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की साफ-सफाई का काम शुरू कर दिया गया है। जल्द ही इसके संचालन के लिए नया टेंडर खोला जाएगा और निजी कंपनी को जिम्मेदारी सौंपने की प्रक्रिया भी प्रारंभ हो चुकी है।
योगी आदित्यनाथ सरकार के सत्ता में आने के बाद 2017 में इस परियोजना का निर्माण रुक गया था। करीब आठ साल बाद अब इसे आंशिक रूप से उपयोग में लाने की तैयारी है। फिलहाल जेपीएनआईसी का पहला इस्तेमाल पार्किंग के रूप में किया जाएगा। रिजर्व बैंक और क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय के पास सड़क किनारे खड़ी होने वाली गाड़ियों को यहां पार्क कराया जाएगा, जिससे यातायात व्यवस्था सुचारु हो सके।
जेपीएनआईसी का संचालन अब लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) को सौंपा गया है। इस परियोजना में 2,000 सीटों वाला कन्वेंशन हॉल, लग्जरी होटल, स्विमिंग पूल, स्पोर्ट्स कोर्ट और मल्टी-लेवल पार्किंग जैसी सुविधाएं प्रस्तावित हैं। अब तक करीब 850 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं, जबकि पूर्ण फिनिशिंग के लिए अतिरिक्त फंड की जरूरत है। एलडीए के अनुसार, जिस कंपनी को प्रोजेक्ट मिलेगा, उसे शेष खर्च स्वयं करना होगा।






