दिल्ली
हाई कोर्ट ने अभिनेता रणवीर सिंह अभिनीत फ़िल्म ‘धुरंधर’ की रिलीज़ पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ फ़िल्म सर्टिफ़िकेशन (CBFC) को निर्देश दिया है कि वह दिवंगत मेजर मोहित शर्मा के माता-पिता द्वारा उठाई गई सभी आपत्तियों पर फ़िल्म के सर्टिफ़िकेशन से पहले विचार करे।
मेजर मोहित शर्मा के माता-पिता ने कोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि फ़िल्म में बिना परिवार या भारतीय सेना से अनुमति लिए उनके गुप्त सैन्य अभियानों और निजी विवरणों को दिखाया गया है, जिससे गोपनीयता और सुरक्षा संबंधी चिंताएँ पैदा होती हैं। उन्होंने फ़िल्म की रिलीज़ पर तत्काल रोक की मांग की थी। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, जस्टिस सचिन दत्ता ने CBFC को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि सर्टिफ़िकेशन की प्रक्रिया से पहले याचिकाकर्ताओं की शिकायतों की सुनवाई की जाए और उन पर समुचित निर्णय लिया जाए। याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश एडवोकेट रूपेंशु प्रताप सिंह ने कहा कि कोर्ट ने CBFC को याचिका में उठाए सभी मुद्दों पर विचार करने का आदेश दिया है, जिसके बाद ही बोर्ड फ़िल्म के सर्टिफ़िकेशन पर आगे बढ़ेगा। इधर, फ़िल्म के निर्देशक आदित्य धर पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि ‘धुरंधर’ मेजर मोहित शर्मा की जीवन कहानी पर आधारित नहीं है। 26 नवंबर को X पर पोस्ट करते हुए उन्होंने लिखा था कि यह फिल्म मेजर शर्मा के जीवन से प्रेरित नहीं है और यह “आधिकारिक स्पष्टीकरण” है।





