लक्ष्मीपुर से श्रीनरायन गुप्ता
नौतनवा तहसील क्षेत्र में स्थित गौतम बुद्ध का ननिहाल प्राचीन बौद्ध स्थल देवदह के टीले पर मंगलवार को तीन दिवसीय बौद्ध सम्मेलन का आगाज हुआ। बौद्ध स्थल देवदह बुध्दम शरणं गच्छामि से गूंजा उठा। सम्मेलन में 25 लोगों ने बौद्ध धर्म की प्रवज्जा लिया।
बौद्ध सम्मेलन के पहले दिन भंते अमित प्रिय कपिलवस्तु ने कहा कि बौद्ध धर्म मानवता, त्याग का संदेश देता है। हर भारतीयों को गर्व होना चाहिए कि पूरे विश्व को मानवता का संदेश देने वाले गौतम बुद्ध की धरती पर हम रहते हैं। भंते अमित प्रिय कपिलवस्तु ने कुल 25 लोगों को दीक्षा देकर प्रवज्जित किये। सभी को बौद्ध धर्म के त्रिशरण, पंचशील, आष्टांगिक मार्ग आदि की विस्तृत जानकारी दिया गया। उन्होंने कहा कि बौद्ध धर्म तर्क पर आधारित एक वैज्ञानिक धर्म है। इसमें आडम्बर का कोई स्थान नही है। बौद्ध धर्म को मानने वाले देश पूरे वर्तमान में हर क्षेत्र में अग्रणी हैं। ग्राम प्रधान अमित सिंह बनरसिहा कला ने कहा कि देवदह के विकास हुआ तो जनपद ही नही पूरे प्रदेश का विकास होगा। शासन स्तर पर वह स्वयं इसका विकास शुरू हो गया है।
कार्यक्रम के आयोजक देवदह रामग्राम बौद्ध विकास समिति के अध्यक्ष जितेंद्र राव ने बताया कि यह कार्यक्रम 14, से 16 तक चलेगा। बृहस्पतिवार को देवदह में भव्य मेला व बौद्ध महोत्सव का आयोजन किया गया है।
इस अवसर पर जितेन्द्र राव, अमित सिंह, महेंद्र जायसवाल, लक्ष्मीचन्द्र पटेल, रोहित गौतम, सन्तराम, सुग्रीव, रमेश, बेलाश, मनीष कुमार मानष, अन्नू, अनुराधा, पुष्पा, सिर्जवती, सावित्री आदि मौजूद रहे।
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25 लोगों ने लिया बौद्ध धर्म का प्रवज्जा
देवदह बौद्ध सम्मेलन में कपिलवस्तु के भंते अमित प्रिय ने 25 लोगों को बौद्ध धर्म का प्रवज्जा दिलाया। उन्हें बौद्ध धर्म के संस्कारों की विस्तार से जानकारी दिया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम तीन दिन तक चलेगा। बौद्ध धर्म का प्रवज्जा लेने वालों में मुख्य रूप से ई वीपी भारती, रामप्यारे, राम गति प्रसाद, शर्मा नन्द, नन्दलाल, कोरी राममिलन, बनारसी लाल, रामधारी, रामनरायन, गणेश, राहुल, गुलशन कुमार, गौरी शंकर, घिसियवन, चन्द्रिका, रामप्रीत, रामकुमार, अमन कुमार, सत्यम, अखिलेश, अजय कुमार, अंश, सुशील, राधव, अमरसेन आदि शामिल हैं।






