प्रतापगढ़
एक ऐसा मामला सामने आया है, जो यह साबित करता है कि कुछ लोगों के लिए “घर-परिवार” सिर्फ एक औपचारिकता होता है और “इश्क” उनका असली पेशा। यहां एक शख्स, जिसके पास पहले से ही दो बीवियां और अठारह बच्चों की पूरी क्रिकेट टीम मौजूद थी, फिर भी दिल के मैदान में नई पारी खेलने उतर गया—और इस बार आउट सीधे जिंदगी से हो गया।
मामला इतना फिल्मी है कि स्क्रिप्ट राइटर भी सोच में पड़ जाए। पूर्व प्रधान गुलहसन साहब, जिनकी पारिवारिक जिम्मेदारियां किसी छोटे गांव की जनसंख्या जितनी थीं, फिर भी दिल को “नई मोहब्बत” की तलाश थी। और ये तलाश उन्हें सुमन नाम की महिला तक ले गई—जहां इश्क तो मिला, लेकिन अंत में ‘मौत’ का पैकेज भी फ्री में शामिल था।
सूत्रों के मुताबिक, सुमन इस रिश्ते से पीछा छुड़ाना चाहती थी। लेकिन आजकल ब्रेकअप भी सीधे नहीं होते—यहां तो मामला इतना “सीरियस” हो गया कि उसने अपने भाई अतुल और उसके दोस्त अरुण के साथ मिलकर प्रेमी को ही रास्ते से हटा दिया। 18 मार्च को नहर किनारे बोरे में शव मिलने के बाद इस “लव स्टोरी” का क्लाइमैक्स सबके सामने आ गया।
सोचने वाली बात ये है कि जहां एक आम आदमी एक रिश्ते को निभाने में ही हांफ जाता है, वहीं गुलहसन साहब दो बीवियों और अठारह बच्चों के बावजूद भी दिल के घोड़े दौड़ा रहे थे। लेकिन शायद किस्मत ने भी सोचा होगा—“इतना ओवरलोड सिस्टम अब हैंग होना ही चाहिए!”
अब सुमन गिरफ्तार है और बाकी दो आरोपी फरार। पुलिस अपनी कार्रवाई कर रही है, लेकिन गांव में चर्चा का विषय कुछ और ही है—लोग कह रहे हैं, “इतना बड़ा परिवार होने के बाद भी अगर आदमी को इश्क का ‘एक्स्ट्रा डोज’ चाहिए, तो फिर अंजाम भी ‘एक्स्ट्रा खतरनाक’ ही होगा।”





