आजमगढ़/रायबरेली।
नकली कफ सिरप की तस्करी मामले में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। जांच में अपराधियों के नए नाम सामने आ रहे हैं। इसी क्रम में आजमगढ़ में हिस्ट्रीशीटर बिपेंद्र सिंह और उसके साथी विकास सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। वहीं रायबरेली में भी ड्रग इंस्पेक्टर ने दो फर्जी मेडिकल फर्म्स के खिलाफ FIR कराई है। इन फर्म्स पर लखनऊ के एक डीलर से लाखों बोतल कफ सिरप खरीदने का आरोप है।
आजमगढ़ में हिस्ट्रीशीटर पर कार्रवाई
दीदारगंज थाना क्षेत्र के नरवे गांव निवासी विकास सिंह का नाम नकली कफ सिरप नेटवर्क में सामने आया है। वह जेठारी गांव निवासी बिपेंद्र सिंह का साथी है, जिस पर गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट, मारपीट और हत्या के प्रयास जैसे कुल 11 मामले दर्ज हैं। ड्रग इंस्पेक्टर सीमा वर्मा की तहरीर पर दोनों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
जांच में खुलासा हुआ कि बिपेंद्र सिंह मार्टिनगंज के बनगांव में एएस फार्मा नाम से मेडिकल स्टोर चलाता था। उसने आजमगढ़ की दो, बस्ती की तीन और जौनपुर की एक फर्म से 3,28,000 बोतल नकली कफ सिरप खरीदा था।
निरीक्षण में दुकान बंद मिली
ड्रग इंस्पेक्टर सीमा वर्मा ने बताया कि 28 नवंबर को निरीक्षण के दौरान बिपेंद्र की दुकान बंद मिली। मकान मालिक ने बताया कि आरोपी एक साल पहले दुकान छोड़ चुका है। वह घर पर भी नहीं मिला और न ही फोन कॉल, व्हाट्सऐप या ईमेल का जवाब दिया। न ही उसने खरीद-बिक्री विवरण और GST अकाउंट उपलब्ध कराया। इससे कफ सिरप के दुरुपयोग की आशंका गहरा गई है।
SP आजमगढ़ ने दी जानकारी
एसपी अनिल कुमार ने बताया कि बिपेंद्र सिंह पहले से ही थाने का हिस्ट्रीशीटर है। FIR दर्ज होने के बाद उसके बैंक खातों और सिरप की बिक्री के नेटवर्क की जांच की जा रही है। सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।





