महराजगंज से श्रीनरायन गुप्ता
नौतनवा क्षेत्र में इन दिनों मिलावटी मिठाइयों की बिक्री जोरों पर है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई मिठाई दुकानों पर नकली खोया, सिंथेटिक रंग और घटिया गुणवत्ता वाले तेल-घी का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, क्षेत्र में खाद्य निरीक्षण की व्यवस्था कमजोर पड़ती दिख रही है। आरोप यह भी है कि कई दुकानें नियमित सरकारी जांच के बजाय कथित “प्राइवेट खाद्य निरीक्षकों” के भरोसे संचालित हो रही हैं, जिससे नियमों की अनदेखी हो रही है। इस स्थिति ने खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि त्योहारों और शादियों के मौसम में मिठाइयों की मांग बढ़ते ही मिलावट का खेल तेज हो जाता है। सस्ती दरों पर मिठाइयों की बिक्री उपभोक्ताओं को आकर्षित करती है, लेकिन उनकी गुणवत्ता संदिग्ध होती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की मिलावटी मिठाइयों के सेवन से पेट संबंधी बीमारियां, फूड प्वाइजनिंग और लंबे समय में गंभीर रोग हो सकते हैं। उन्होंने लोगों से सावधानी बरतने और विश्वसनीय दुकानों से ही खाद्य पदार्थ खरीदने की अपील की है।खाद्य सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाली संस्था के नियमों के अनुसार,खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की नियमित जांच आवश्यक है। लेकिन नौतनवा क्षेत्र में इन नियमों का पालन कितना हो रहा है, यह जांच का विषय बन गया है।जबकि लगो का कहना है कि खाद्य निरीक्षक कभी नही आते
संजय सिंह,विजय सिंह,निलेश गुप्ता,गोलू,प्रदीप,सुनील पांडेय सहित स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर मिठाई दुकानों की जांच की जाए और दोषी दुकानदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।






