लखनऊ से शार्पदृष्टि की रिपोर्ट
लखनऊ बिना अनुमति स्मार्ट प्री-पेड मीटर लगाने और उपभोक्ताओं से निर्धारित दर से अधिक राशि वसूलने के मामले में बिजली कंपनियों पर कार्रवाई न होने को लेकर अवमानना की मांग उठी है। उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने नियामक आयोग से बिजली कंपनियों के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई करने की मांग की है।
परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने बताया कि बिजली कंपनियां नियामक आयोग और उपभोक्ताओं की अनुमति के बिना ही स्मार्ट प्री-पेड मीटर लगा रही हैं। इसके लिए उपभोक्ताओं से 872 रुपये की जगह 6016 रुपये वसूले जा रहे हैं।
इस मामले में परिषद ने पहले ही आयोग में याचिका दाखिल की थी, लेकिन बुधवार को परिषद ने आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार और सदस्य संजय कुमार सिंह से मुलाकात कर यह मुद्दा दोबारा उठाया। परिषद का कहना है कि बिजली कंपनियां कास्ट डाटा बुक के नियमों का उल्लंघन कर रही हैं और आयोग को इस पर सुनवाई की तिथि घोषित करनी चाहिए।
वर्मा ने बताया कि नियामक आयोग के नियमों के अनुसार गरीब उपभोक्ताओं को एक किलोवाट का कनेक्शन 1032 रुपये में मिलना चाहिए, लेकिन कंपनियां ग्रामीण क्षेत्रों में 6176 रुपये और शहरी क्षेत्रों में 6464 रुपये वसूल रही हैं।






