लक्ष्मीपुर से श्रीनरायन गुप्ता
नौतनवा क्षेत्र के लक्ष्मीपुर ब्लाक के ग्राम पंचायत बनरसिहा कला में स्थित प्राचीन बौद्ध स्थल देवदह पर आयोजित तीन दिवसीय बौद्ध सम्मेलन का समापन बृहस्पतिवार को हुआ। बतौर मुख्यातिथि विजय कुमार पूर्व डीजीपी ने कहा कि सम्पूर्ण विश्व को मानवता का संदेश देने वाले तथागत बुद्ध के उपदेशों के अनुसरण करने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार और भारत सरकार के द्वारा जिस तरह से देवदह में विकास कार्य हो रहा है , जल्द ही विश्व पटल पर देवदह का नाम होगा। विश्व मानचित्र पर महराजगंज जनपद का नाम होगा। विदेशी पर्यटकों के आगमन से स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलेगा और युवाओं का पलायन रुकेगा। देवदह का विकास होने पर यहां के हर धर्म, वर्ग , सम्प्रदाय का पूर्ण रूप से उत्थान होगा।
देवदह रामग्राम बौद्ध विकास समिति और पूर्वांचल कोरी जागृति संस्थान उत्तर प्रदेश के सहयोग से आयोजित बौद्ध सम्मेलन में पूरे देश से बौद्ध भिक्षुओं का जमावड़ा हुआ। 14 अक्टूबर से 16 अक्टूबर तक चलने वाले कार्यक्रम में बौद्ध धर्म के शिक्षाओं पर प्रकाश डाला गया। पूर्व डीजीपी विजय कुमार ने कहा कि बौद्ध धर्म में हिंसा का कोई स्थान नही है। गौतम बुद्ध ने कहा था कि जीवन से दुःख का लोप करने के लिये लोभ का लोप करना होगा। सारे कष्ट का कारण लोभ ही है।
सुग्रीव राम ने कहा कि बौद्ध धर्म भारत से पूरी दुनिया मे फैला और पूरे विश्व मे छा गया दुनिया मे कई राष्ट्र तो बौद्ध देश हैं लेकिन स्वयं अपने ही देश मे बुद्ध को मानने वालों की संख्या कम है। जो चिंता की बात है। आज बुद्ध अपने ही देश मे पराए हो गए हैं। उन्होंने कहा कि बौद्ध धर्म तर्क, बुद्धि व विज्ञान पर आधारित है।
श्रवण कुमार पटेल ने कहा कि बौद्ध पूर्णतः वैज्ञानिक है। जिस भूमि पर हम वास कर रहे है वहाँ कभी न कभी बुद्ध के चरण पड़े हुए हैं। आज बौद्ध धर्म के प्रचार प्रसार की अति आवश्यकता है। बौद्ध धर्म जातिविहीन समाज की स्थापना करता है। देवदह की भूमि पवित्र स्थल है। इसके विकास अति आवश्यक है। डॉ ममता ने कहा कि यही वह भूमि है जिस पर तथागत के पवित्र चरण पड़े थे। देवदह के विकास से सम्पूर्ण क्षेत्र का विकास होगा। कार्यक्रम का संचालन देवदह बौद्ध विकास समिति के अध्यक्ष जितेंद्र राव ने किया।
इस अवसर पर भंते अमित प्रिय, श्रवण कुमार पटेल, डॉ ममता, सुग्रीव राम, जितेंद्र राव , महेंद्र जायसवाल, लक्ष्मीचन्द्र पटेल, रोहित गौतम, सन्तराम, अखिलेश कुमार, राममिलन, ज्वाला, अर्चना कोरी, आशुतोष कोरी, बेचू कन्नौजिया, छोटू, विनोद, जयप्रकाश, अनिल गौतम, जयराम कोरी, रामप्रकाश, रामप्रसाद, अंजली कोरी, तारा गौतम, कुसुम गौतम आदि उपस्थित रहे।







