महोबा
जिले में जल जीवन मिशन के तहत बनी पानी की टंकी को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। जैतपुर ब्लॉक के नगारा डांग गांव में वर्ष 2025 में करीब 261 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित ओवरहेड पानी की टंकी की टेस्टिंग के दूसरे ही दिन पानी बहने का वीडियो सामने आया है। ग्रामीण इसे निर्माण में गड़बड़ी बता रहे हैं, जबकि प्रशासन इसे ओवरफ्लो और कर्मचारियों की लापरवाही का मामला बता रहा है।
मामला महोबा जिले के जैतपुर ब्लॉक स्थित ग्राम नगारा डांग का है। यहां नमामि गंगे योजना के तहत पानी की टंकी का निर्माण कराया गया था। चार फरवरी को टंकी की टेस्टिंग की गई। ग्रामीणों का आरोप है कि अगले ही दिन टंकी के बीच से पानी रिसने लगा और कुछ समय तक तेज धार में नीचे गिरता रहा।
अधिशासी अभियंता की रिपोर्ट में गड़बड़ी से इनकार
जल निगम ग्रामीण के अधिशासी अभियंता कार्यालय की ओर से जिलाधिकारी महोबा को रिपोर्ट सौंप दी गई है। अधिशासी अभियंता संदेश सिंह तोमर ने रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि टंकी में किसी भी प्रकार की तकनीकी त्रुटि या संरचनात्मक क्षति नहीं पाई गई है। उनके अनुसार टंकी ओवरफ्लो हो गई थी, जिससे पानी बाहर गिरा। इस लापरवाही में शामिल कर्मचारियों को हटा दिया गया है।
ग्रामीणों ने वीडियो वायरल कर जांच की मांग की
ग्रामीण मोहम्मद हनीफ ने बताया कि टंकी बनने के बाद कुछ मोहल्लों में जलापूर्ति शुरू भी हो गई थी। हाल ही में पाइपलाइन कार्य के बाद जब दोबारा पानी भरा गया, तब यह स्थिति सामने आई। ग्रामीणों ने घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर किया और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
निर्माण में मानकों की अनदेखी का आरोप
ग्राम प्रधान गायत्री ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र भेजा है। प्रधान प्रतिनिधि अवधेश राजपूत का आरोप है कि निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी की गई और घटिया सामग्री का इस्तेमाल हुआ। उनका कहना है कि यदि टंकी मजबूत और गुणवत्ता के अनुसार बनी होती, तो इतनी जल्दी रिसाव या दरार जैसी स्थिति नहीं बनती।
फिलहाल प्रशासनिक रिपोर्ट और ग्रामीणों के आरोपों के बीच यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है, और सभी की नजरें अब उच्चस्तरीय जांच पर टिकी हैं।




