लखनऊ
उत्तर प्रदेश में चल रहे विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए राज्य चुनाव आयोग ने केंद्रीय चुनाव आयोग से दो सप्ताह का अतिरिक्त समय मांगा है। प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि मृतक, स्थानांतरित और अनुपस्थित मतदाताओं के पुन: सत्यापन के लिए आयोग को पत्र भेज दिया गया है। रिणवा के अनुसार, प्रदेश में अब तक 99.24 प्रतिशत गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन पूरा हो चुका है। डिजिटाइज प्रपत्रों में 18.85 प्रतिशत यानी लगभग 2.91 करोड़ गणना प्रपत्र असंग्रहीत श्रेणी में पाए गए हैं। इनमें सर्वाधिक 8.22 प्रतिशत (लगभग 1.27 करोड़) स्थायी रूप से स्थानांतरित मतदाता हैं। इसके अलावा 2.98 प्रतिशत (45.95 लाख) मृतक मतदाता, 1.5 प्रतिशत (23.69 लाख) दोहरी प्रविष्टि वाले मतदाता और 0.62 प्रतिशत (9.58 लाख) ऐसे मतदाता शामिल हैं, जिन्होंने प्रपत्र वापस नहीं किए। वहीं, 5.49 प्रतिशत यानी लगभग 84.73 लाख मतदाता अनुपस्थित पाए गए हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि अभी तक 80.29 प्रतिशत गणना प्रपत्र मतदाताओं और उनके परिवारों द्वारा हस्ताक्षरित रूप में प्राप्त हो चुके हैं।
76 प्रतिशत मैपिंग का कार्य पूरा
मतदाताओं से प्राप्त गणना प्रपत्रों की मैपिंग का कार्य 76 प्रतिशत से अधिक पूरा कर लिया गया है। यह मैपिंग वर्ष 2003 की मतदाता सूची के आधार पर की जा रही है। रिणवा ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिया कि मैपिंग कार्य में और तेजी लाई जाए।
सूची में नाम न होने पर भरें फॉर्म-6
उन्होंने कहा कि जिन मतदाताओं का नाम 2025 की मतदाता सूची में नहीं है, उन्हें फॉर्म-6 भरकर पंजीकरण कराने के लिए प्रेरित किया जाए। इसी तरह 1 जनवरी 2025 को 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहे युवाओं से भी फॉर्म-6 भरवाया जाए। अब तक 14 जिलों, 132 विधानसभा क्षेत्रों और 1,43,509 मतदेय स्थलों पर प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन पूरा हो चुका है।
सूची वेबसाइट पर उपलब्ध
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से असंग्रहीत मतदाताओं—मृतक, स्थानांतरित, अनुपस्थित और दोहरी प्रविष्टि वाले मतदाताओं—के सत्यापन में सहयोग की अपील की है। उन्होंने बताया कि बूथ लेवल अधिकारी 12 दिसंबर तक बूथ लेवल एजेंटों को असंग्रहीत मतदाताओं की सूची उपलब्ध करा देंगे। यह सूची मुख्य निर्वाचन अधिकारी और जिलों की आधिकारिक वेबसाइटों पर भी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रहेगी।






