लखनऊ
उत्तर प्रदेश रोडवेज में भारी घाटे की एक बड़ी वजह सामने आई है.व्यवस्था में गहराई तक फैली लापरवाही और मिलीभगत। अलीगढ़ रीजन के बुद्ध विहार डिपो की एक बस में 64 में से 62 यात्रियों का बेटिकट सफर करते पकड़ा जाना सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े करता है। यह घटना तब सामने आई जब मुख्यालय की टीम ने टप्पल और पलवल के बीच औचक चेकिंग की।
बस में तैनात संविदा चालक और परिचालक की भूमिका संदिग्ध पाई गई। चेकिंग के दौरान परिचालक मशीन छोड़कर फरार हो गया, जिससे पूरे मामले में जानबूझकर राजस्व हानि कराने की आशंका मजबूत होती है। कार्रवाई करते हुए चालक-परिचालक को बर्खास्त कर दिया गया है, जबकि संबंधित टीआई को निलंबित किया गया है।
अधिकारियों ने साफ संकेत दिए हैं कि जिम्मेदारी केवल निचले स्तर तक सीमित नहीं है। क्षेत्रीय और सहायक क्षेत्रीय प्रबंधकों की भूमिका भी जांच के घेरे में है। सवाल यह है कि जब पूरी बस ही बेटिकट चल रही थी, तो निगरानी तंत्र पूरी तरह फेल कैसे हो गया?





