सोनभद्र
जिले में रामलीला मंचन के दौरान घटी एक चौंकाने वाली घटना ने धार्मिक मंचन की मर्यादा और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रामलीला के युद्ध दृश्य में राम द्वारा चलाया गया तीर अभिनय तक सीमित नहीं रहा, बल्कि हकीकत में रावण का किरदार निभा रहे युवक की आंख में जा लगा। इस दर्दनाक हादसे में युवक एक आंख से अंधा हो गया। हैरानी की बात यह है कि यह घटना करीब एक साल पहले हुई थी, लेकिन अब जाकर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।
पीड़ित युवक सुनील कुमार (20) खैरा गांव में आयोजित रामलीला में रावण की भूमिका निभा रहे थे। 13 नवंबर 2025 की रात करीब 12:30 बजे युद्ध दृश्य के दौरान राम का किरदार निभा रहे नैतिक पांडेय (18) ने तीर चलाया, जो सीधे सुनील की आंख में लग गया। मंच पर ही सुनील की आंख से खून और पानी बहने लगा, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। पीड़ित के भाई शिवमलाल ने शाहगंज थाना पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया कि यह हादसा नहीं बल्कि द्वेष और ईर्ष्या के चलते रची गई साजिश थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आयोजक रामसनेही सिंह इस घटना में शामिल थे। अगले दिन इलाज की बात करने पर आरोपियों ने कथित तौर पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया और जान से मारने की धमकी दी।
शिवमलाल का कहना है कि घटना की सूचना समय पर पुलिस को दी गई थी, लेकिन तब कोई कार्रवाई नहीं हुई। फिलहाल सुनील का इलाज वाराणसी में चल रहा है और अब तक उनकी आंख की रोशनी वापस नहीं आई है। इस मामले में शाहगंज थानाध्यक्ष राम सिंहासन शर्मा ने बताया कि पीड़ित के भाई की तहरीर के आधार पर राम का किरदार निभाने वाले नैतिक पांडेय और आयोजक रामसनेही सिंह के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट और जान से मारने की धमकी देने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। रामलीला जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक मंचन में इस तरह की घटना ने लोगों को स्तब्ध कर दिया है और यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर अभिनय की आड़ में हिंसा कैसे हकीकत बन गई।







