Home / राज्य / राष्ट्रकथा में ‘दबदबा’ का ज़िक्र सुन भावुक हुए बृजभूषण, फूट-फूटकर रोए, रितेश्वर महाराज बोले— मैं इनका बाप हूं, मेरा भी दबदबा था, है और रहेगा

राष्ट्रकथा में ‘दबदबा’ का ज़िक्र सुन भावुक हुए बृजभूषण, फूट-फूटकर रोए, रितेश्वर महाराज बोले— मैं इनका बाप हूं, मेरा भी दबदबा था, है और रहेगा

गोंडा

गोंडा में आयोजित राष्ट्रकथा के दूसरे दिन भावुक दृश्य देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह अपने बीते संघर्षों को याद कर फूट-फूटकर रोने लगे। बताया जा रहा है कि करीब एक घंटे तक वह मंच पर भावनाओं पर काबू नहीं रख सके और उनकी आंखों से लगातार आंसू बहते रहे। इस दौरान मौजूद श्रोता और समर्थक भी भावुक हो उठे।

कार्यक्रम में कथा वाचक रितेश्वर महाराज ने बृजभूषण शरण सिंह के संघर्ष, प्रभाव और सामाजिक दबदबे का ज़िक्र किया। उन्होंने मंच से कहा,

“मैं इनका बाप हूं, मेरा भी दबदबा था, है और रहेगा।”

इस बयान के बाद पंडाल में मौजूद लोगों के बीच हलचल मच गई और माहौल और अधिक भावनात्मक हो गया।

राष्ट्रकथा के दौरान बृजभूषण शरण सिंह ने अपने राजनीतिक और सामाजिक जीवन के उतार-चढ़ाव को याद करते हुए कहा कि उन्होंने जीवन में कई कठिन दौर देखे हैं। वर्षों की मेहनत, संघर्ष और अपमान को याद कर वह भावुक हो गए। समर्थकों ने उन्हें संभालने की कोशिश की और ‘जय श्रीराम’ व अन्य नारों से उनका हौसला बढ़ाया।

इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में बृजभूषण शरण सिंह को भावनाओं में डूबा हुआ देखा जा सकता है। वहीं, रितेश्वर महाराज के बयान को लेकर भी राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

गौरतलब है कि गोंडा में चल रही राष्ट्रकथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग शामिल हो रहे हैं। कार्यक्रम के दूसरे दिन का यह भावुक प्रसंग पूरे आयोजन का केंद्र बिंदु बन गया।

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