लक्ष्मीपुर से श्रीनरायनगुप्ता की रिपोर्ट
लक्ष्मीपुर में जंगल की हरियाली और प्राकृतिक संपदा इन दिनों खतरे में है। कीमती लकड़ी पर तस्करों की नजर गड़ चुकी है। जंगल के भीतर कुछ असामाजिक तत्व बोटों को काटकर जलावनी लकड़ी के रूप में बेच रहे हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि कई बार अज्ञात व्यक्ति कुल्हाड़ी टेढी वन चौकी क्षेत्र में लेकर जंगल में घूमते दिखाई देते हैं, जिससे वन क्षेत्र में डर और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
वन विभाग के सूत्रों के अनुसार, तस्कर पहले पेड़ों को काटकर छोटे-छोटे टुकड़ों में बदलते हैं और फिर उन्हें जलावनी या निर्माण कार्यों में उपयोग के लिए बेच देते हैं। इससे न केवल पेड़ों की संख्या घट रही है बल्कि कई दुर्लभ प्रजातियों के पौधे और वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास भी नष्ट हो रहा है।लक्ष्मीपुर में वन अधिकारियों ने बताया कि ऐसे मामलों की जांच की जा रही है और गश्त बढ़ाई गई है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत सूचना दें।
पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह अवैध कटाई नहीं रुकी तो आने वाले वर्षों में इलाके का पारिस्थितिक संतुलन पूरी तरह बिगड़ सकता है। बारिश का चक्र, मिट्टी की उर्वरता और स्थानीय जलस्रोतों पर भी इसका बुरा असर पड़ेगा।स्थानीय ग्रामीणों की मांग है कि वन विभाग और पुलिस संयुक्त रूप से सख्त कार्रवाई करे ताकि तस्करों पर लगाम लगाई जा सके और जंगलों की हरियाली सुरक्षित रहे।






