महराजगंज से श्रीनरायन गुप्ता
बुधवार को महराजगंज में विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। एक मैरिज लॉन में आयोजित कार्यक्रम में विधायक सदर जयमंगल कन्नौजिया द्वारा योजना के लाभार्थियों को टूलकिट के रूप में सिलाई मशीन वितरित किया गया। इस दौरान 2025–26 के प्रथम प्रशिक्षण सत्र का शुभारंभ भी किया गया।विधायक सदर ने विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अंतर्गत कुल 250 लाभार्थियों को टूलकिट के रूप में सिलाई मशीन प्रदान किया। साथ ही वित्तीय वर्ष 2025–26 के प्रथम प्रशिक्षण सत्र में दर्जी एवं हलवाई ट्रेड में कुल 300 युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक सदर ने कहा कि पूर्व में योजनाएं केवल कागजों तक सीमित रहती थीं और बहुत कम लोगों तक ही लाभ पहुंच पाता था। लेकिन आपने भाजपा सरकार को लगातार दो बार अवसर दिया, जिसका परिणाम है कि आज विकास व योजनाएं पारदर्शी और प्रभावी तरीके से आमजनमानस तक पहुंच रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए ठोस कार्य किए जा रहे हैं। विधायक सदर ने कहा कि सिलाई मशीन एवं प्रशिक्षण प्राप्त कर महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं।
इससे न केवल माताएं-बहनें अपने परिवार का भरण-पोषण कर पा रही हैं, बल्कि अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के माध्यम से गांव-गांव में माताएं और बेटियां स्वरोजगार से जुड़कर न केवल स्वयं रोजगार प्राप्त कर रही हैं, बल्कि दूसरों को भी रोजगार दे रही हैं। यह सब केंद्र एवं प्रदेश सरकार के नेतृत्व में बेटियों को सशक्त बनाने की दिशा में एक सार्थक पहल का परिणाम है। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अंतर्गत आज दूसरी किश्त में 250 लाभार्थियों को सिलाई मशीन वितरित की गई। इससे पूर्व 200 लाभार्थियों को टूलकिट के रूप में सिलाई मशीन प्रदान कराया जा चुका है।कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन उपायुक्त उद्योग द्वारा दिया गया। उन्होंने सभी लाभार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए योजना के उद्देश्यों और लाभों की जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन आशीष सोनी द्वारा किया गया।इस दौरान परियोजना निदेशक राम दरश चौधरी, जिला सूचना अधिकारी प्रभाकर मणि त्रिपाठी, प्रधानाचार्य केवीआईवी श्री ध्यानचंद सहित अधिकारी, लाभार्थी एवं प्रशिक्षु उपस्थित रहे।







