बाराबंकी
सिविल कोर्ट के आदेश पर शुक्रवार को बाराबंकी में बिजली विभाग के विद्युत वितरण खंड कार्यालय को कुर्क कर लिया गया। करीब 10 वर्ष पहले मसौली थाना क्षेत्र के बड़ागांव निवासी कैलाश की बिजली के तार की चपेट में आने से मौत हो गई थी। परिजनों ने विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुआवजे की मांग की थी। मामला लंबे समय से अदालत में लंबित था और वर्ष 2016 से पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लगा रहा था।
कोर्ट ने इजराय वाद संख्या 12/2019 में आदेश जारी करते हुए कार्यालय की संपत्ति कुर्क करने के निर्देश दिए। इसके बाद अमीन आयुक्त सचिन कुमार वर्मा ने मौके पर पहुंचकर कार्यालय के कमरे को सील कर नोटिस चस्पा किया। नोटिस में बताया गया कि कमरे में मौजूद कंप्यूटर, फर्नीचर और प्रिंटर को कोर्ट आदेश के तहत कुर्क किया गया है।
विद्युत वितरण खंड द्वितीय रामनगर के अधिशासी अभियंता खुर्शीद अहमद ने कहा कि यह मामला 2016-17 का है, उस समय पैरवी ठीक से न होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि विभाग की कोई गलती नहीं थी और विद्युत सुरक्षा निदेशालय की रिपोर्ट भी उपलब्ध है। लगभग 9 लाख रुपये मुआवजे का भुगतान होना है, जिसकी प्रक्रिया जारी है।





