सीतापुर
उत्तर प्रदेश में SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) का काम देख रहे एक और बीएलओ ने आत्महत्या कर ली है। यह मामला सीतापुर जिले का है, जहां 30 वर्षीय बीएलओ उमेश ने फांसी लगाकर जान दे दी। इससे पहले झांसी, फतेहपुर, गोंडा और मुरादाबाद में भी SIR कार्य से जुड़े बीएलओ की खुदकुशी के मामले सामने आ चुके हैं, जिससे प्रशासनिक तंत्र पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
पूर्व माध्यमिक विद्यालय में थे तैनात
थाना प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि मृतक बीएलओ उमेश मूल रूप से लिया गांव, थाना रामपुर कला के निवासी थे। वह अटरिया थाना क्षेत्र के पूर्व माध्यमिक विद्यालय दरियापुर में अध्यापक के पद पर कार्यरत थे और वर्तमान में अटरिया कस्बे में किराए के मकान में रह रहे थे। आत्महत्या की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, जहां उमेश का शव फांसी के फंदे से लटका मिला।
पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों के अनुसार, परिजनों की तहरीर के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है।
परिजनों का आरोप—हाल में मिला था SIR का काम
मृतक के परिजनों का कहना है कि हाल ही में उमेश को SIR का कार्य सौंपा गया था और वह बीएलओ की जिम्मेदारी निभा रहे थे। उनका आरोप है कि काम के दबाव और मानसिक तनाव के चलते उन्होंने यह कदम उठाया।
लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने SIR कार्य में लगे कर्मचारियों पर बढ़ते दबाव और कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं।





