नई दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट ने जेल में बंद जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई गुरुवार को स्थगित कर 9 फरवरी के लिए तय कर दी। यह याचिका उनकी पत्नी गीतांजलि जे अंगमो की ओर से दायर की गई है। न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति पी बी वराले की पीठ ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख तय की।
इससे पहले बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उनकी हिरासत पर पुनर्विचार की संभावना पर सवाल किया था। सुनवाई के दौरान अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ने आरोप लगाया कि वांगचुक पिछले साल लेह में हुई हिंसा के लिए जिम्मेदार थे, जिसमें चार लोगों की मौत और 161 लोग घायल हुए थे। केंद्र और लद्दाख प्रशासन का कहना है कि वांगचुक ने सीमावर्ती क्षेत्र में लोगों, विशेषकर ‘जेन जेड’, को उकसाने की कोशिश की और ‘अरब स्प्रिंग’ जैसे आंदोलनों का उल्लेख किया।
वहीं, वांगचुक ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि आलोचना और विरोध करना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है। उनकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने दलील दी कि हिरासत के लिए चुनिंदा और भ्रामक सामग्री का सहारा लिया गया। याचिका में हिरासत को गैरकानूनी और मौलिक अधिकारों का उल्लंघन बताया गया है।






