लखनऊ
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अब तक का सबसे बड़ा बजट विधान सभा में प्रस्तुत किया। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सदन में 9,12,696.35 करोड़ रुपये का बजट पेश किया, जो पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 की तुलना में करीब 12 प्रतिशत से अधिक है। इस बजट में पिछली बार के मुकाबले लगभग 80 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है।
बजट पेश होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मीडिया से बातचीत में इसकी सराहना की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश पिछले नौ वर्षों में “पैरालिसिस क्राइसिस” से निकलकर अपनी वास्तविक क्षमता की ओर तेजी से बढ़ा है। आज यूपी देश की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और यह बजट राज्य को भारत की नंबर वन अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है।
मुख्यमंत्री योगी ने इस बजट को “उत्तर प्रदेश के नवनिर्माण का बजट” बताते हुए कहा कि बीते नौ वर्षों में राज्य का बजट तीन गुना से अधिक बढ़ा है, जबकि इस दौरान कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया। उन्होंने इसे विकास, विश्वास और समावेशी प्रगति का प्रतीक बताया।
सीएम योगी ने बताया कि बजट की प्रमुख थीम “सुरक्षित नारी, सक्षम युवा और खुशहाल किसान” है। यह बजट राज्य में कानून-व्यवस्था, रोजगार, कृषि, बुनियादी ढांचे और सामाजिक कल्याण को और मजबूती देने पर केंद्रित है।
सरकार का दावा है कि यह बजट उत्तर प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ विकास के नए आयाम स्थापित करेगा और प्रदेश को आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनाएगा।







