नई दिल्ली
केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में ₹10-₹10 प्रति लीटर की कटौती की है। इससे पेट्रोल पर ड्यूटी घटकर ₹3 प्रति लीटर रह गई है, जबकि डीजल पर एक्साइज ड्यूटी पूरी तरह खत्म कर दी गई है। यह फैसला अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच लिया गया है, जहां ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुका है।
हालांकि इस कटौती के बावजूद आम उपभोक्ताओं को तुरंत राहत मिलने की संभावना कम है। देश में ईंधन के दाम ऑयल मार्केटिंग कंपनियां तय करती हैं और विशेषज्ञों के अनुसार ये कंपनियां इस राहत का इस्तेमाल अपने पुराने घाटे की भरपाई के लिए कर सकती हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेल कंपनियां फिलहाल पेट्रोल पर करीब ₹24 और डीजल पर ₹30 प्रति लीटर तक का नुकसान झेल रही हैं। पिछले कुछ समय से कंपनियां महंगा कच्चा तेल खरीद रही थीं, लेकिन घरेलू कीमतें नहीं बढ़ाई गई थीं।
वहीं, प्राइवेट कंपनियों ने पहले ही कीमतें बढ़ानी शुरू कर दी हैं। ऐसे में अगर वैश्विक बाजार में कच्चे तेल के दाम और बढ़ते हैं, तो भारत में भी ईंधन महंगा हो सकता है। सरकार की यह कटौती फिलहाल कीमतों को नियंत्रित रखने का एक ‘कुशन’ मानी जा रही है।
इस फैसले से सरकार के राजस्व पर असर पड़ेगा, लेकिन आम लोगों को महंगाई से राहत देने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।




