बलरामपुर
मध्याह्न भोजन योजना MDM में 11 करोड़ रुपये के भारी-भरकम घोटाले का खुलासा हुआ है। पुलिस ने सहायक अध्यापक, प्रधानाध्यापक, एमडीएम के जिला समन्वयक DC-MDM और ग्राम प्रधान समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा 45 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
जांच में सामने आया कि लगभग 2200 स्कूलों की कन्वर्जन कॉस्ट से जुड़ी एक्सेल शीट में पिछले 10 वर्षों से लगातार गड़बड़ी की जा रही थी। बीएसए की ओर से शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की तो यह पूरा फर्जीवाड़ा उजागर हुआ।
कैसे हुआ घोटाला
बीएसए ने 27 नवंबर को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि मिड डे मील की कन्वर्जन कॉस्ट में बड़े पैमाने पर हेराफेरी की गई है।
जांच में अधिकारी पाए कि आरोपियों ने एक्सेल शीट में बदलाव कर 8 विद्यालयों के खातों में मनमाने तरीके से रकम भेजी, और बदले में कमीशन वसूला जाता था। शुरुआती जांच से पता चला कि यह फर्जीवाड़ा साल 2015 से जारी था, हालांकि पुलिस इस बात की विस्तृत पुष्टि के लिए और दस्तावेज जुटा रही है।
एसपी ने बताया कि जांच के दौरान DC-MDM फिरोज को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस की पूछताछ में उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।
फिरोज ने बताया कि पहले MDM में राशि कम होती थी, जिसके कारण गड़बड़ी सीमित थी, लेकिन राशि बढ़ने पर हेराफेरी भी बढ़ गई। पुलिस अब कोर्ट से अनुमति लेकर आरोपियों का पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की तैयारी भी कर रही है। सभी संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा रही है, और पुलिस ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे हो सकते हैं। घोटाले की रकम और इसमें शामिल अन्य सहयोगियों की जानकारी जुटाई जा रही है।



