लखनऊ से शार्पदृष्टि की रिपोर्ट
लखनऊ मे एससी/एसटी की विशेष अदालत ने फर्जी मुकदमा दर्ज कराने के मामले में एक महिला को 3 साल की सजा सुनाई।कोर्ट ने कहा कि अब सिर्फ एफआईआर दर्ज होने के आधार पर एससी/एसटी एक्ट में कोई भी राहत राशि नहीं दी जाएगी।
अदालत ने जिला अधिकारी को आदेश दिया है कि आरोपी महिला को दी गई राहत राशि तुरंत वापस ली जाए। यह फैसला उन मामलों के लिए अहम मिसाल माना जा रहा है, जिनमें एससी/एसटी एक्ट का दुरुपयोग कर फर्जी मुकदमे दर्ज कराए जाते हैं।





