लखनऊ
राजधानी में विकास के दावों के बीच प्रशासनिक लापरवाही का एक दर्दनाक मामला सामने आया है। मानक नगर थाना क्षेत्र में सोमवार को शारदा सहायक नहर में गिरने से 45 वर्षीय राजकुमार कुशवाहा की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर राहत एवं बचाव कार्य में कथित देरी को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते बचाव दल सक्रिय हो जाता तो राजकुमार की जान बचाई जा सकती थी।
जानकारी के अनुसार कनौसी निवासी राजकुमार कुशवाहा सोमवार सुबह करीब 11 बजे अपनी बड़ी बेटी को स्कूल से लेकर घर लौट रहे थे। इसी दौरान नहर के एक मोड़ पर सामने से बड़ी गाड़ी आ जाने के कारण उनका संतुलन बिगड़ गया। जिस स्थान पर नहर के किनारे सुरक्षा दीवार नहीं है, वहीं से वह पानी में जा गिरे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कुछ देर तक राजकुमार पानी में दिखाई दिए, लेकिन बाद में वह गहराई में समा गए।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। बताया गया कि स्थानीय स्तर पर गोताखोर उपलब्ध नहीं होने के कारण एसडीआरएफ को सूचना दी गई। करीब एक घंटे बाद टीम मौके पर पहुंची। इस दौरान बचाव उपकरण तैयार करने में भी समय लगा। काफी मशक्कत के बाद राजकुमार को नहर से बाहर निकाला गया और लोकबंधु राजनारायण संयुक्त चिकित्सालय भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
राजकुमार अपने पीछे पत्नी, दो पुत्रियों और पिता को छोड़ गए हैं। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं स्थानीय लोगों ने नहर के खुले हिस्से पर तत्काल सुरक्षा दीवार और अन्य सुरक्षात्मक इंतजाम किए जाने की मांग की है।






