लखनऊ
उत्तर प्रदेश में बदहाल सड़कों को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने कड़ा रुख अपनाया है। गोंडा जिले में करीब 21 किलोमीटर लंबी सड़क की खराब स्थिति से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान लोक निर्माण विभाग (PWD) के प्रमुख सचिव के अदालत की कार्यवाही में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी उपस्थित नहीं होने पर कोर्ट ने नाराजगी जताई। हाईकोर्ट ने अब प्रमुख सचिव को 14 सितंबर को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने का आदेश दिया है।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने सड़क की मौजूदा स्थिति और उसके रखरखाव के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल उठाए। कोर्ट की ओर से प्रमुख सचिव को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यवाही में शामिल होने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन उनके उपस्थित नहीं होने को अदालत ने गंभीरता से लिया।
अदालत ने स्पष्ट किया कि सड़क जैसी बुनियादी सार्वजनिक सुविधा की खराब स्थिति को लेकर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होना जरूरी है। गोंडा में करीब 21 किलोमीटर सड़क की बदहाली से जुड़े मामले में अगली सुनवाई के दौरान प्रमुख सचिव को स्वयं उपस्थित होकर कोर्ट के समक्ष स्थिति स्पष्ट करनी होगी।
प्रदेश में सड़कों की खराब स्थिति को लेकर लगातार उठ रहे सवालों के बीच हाईकोर्ट की इस सख्ती को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी रायबरेली में दिशा की बैठक के दौरान जिले की खराब सड़कों का मुद्दा उठाते हुए तस्वीरों के माध्यम से अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया था।




