लखनऊ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की एक प्रेस वार्ता का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में महिला पत्रकार दिव्या श्रीवास्तव मुख्यमंत्री से सवाल पूछने का प्रयास करती दिखाई दे रही हैं। हालांकि, मुख्यमंत्री हाथ के इशारे के साथ आगे बढ़ जाते हैं और मंच पर मौजूद अन्य भाजपा नेता भी उनके साथ निकल जाते हैं।
महिला पत्रकार ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री से सवाल करने की कोशिश के बाद कुछ लोगों ने उन्हें घेर लिया और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। उनका यह भी दावा है कि सोशल मीडिया पर उन्हें लगातार निशाना बनाया जा रहा है और घर पर बुलडोजर चलाने जैसी धमकियां दी जा रही हैं।
दिव्या श्रीवास्तव के मुताबिक, वह स्वतंत्र पत्रकार हैं और बारिश के बाद शहर में हुए जलभराव तथा एक्सप्रेस-वे से जुड़ी समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री से सवाल करना चाहती थीं।
भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने पत्रकार के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कार्यक्रम ‘सेवा संकल्प अभियान’ की जानकारी देने के लिए आयोजित किया गया था और इसमें सवाल-जवाब का कोई सत्र निर्धारित नहीं था। उन्होंने कहा कि यदि पत्रकार को धमकी दी गई है तो उन्हें पुलिस में शिकायत दर्ज करानी चाहिए।
मामले को लेकर विपक्ष ने भी सरकार पर हमला बोला है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि जो मुख्यमंत्री प्रेस के सवालों का जवाब नहीं दे पा रहे हैं, वे चुनाव में जनता के सवालों का जवाब कैसे देंगे। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने भी पत्रकार के समर्थन में सरकार को घेरा है।






