लखनऊ
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने एक मामले की सुनवाई के दौरान गोंडा के जिलाधिकारी को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया है। अदालत ने डीएम के वेतन से पांच हजार रुपये हर्जाने के रूप में वसूलने का भी आदेश दिया है। यह आदेश ओंकारनाथ वर्मा की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया।
सुनवाई के दौरान सरकारी पक्ष के अधिवक्ता अदालत के समक्ष डीएम की ओर से आवश्यक और स्पष्ट निर्देश प्रस्तुत नहीं कर सके। इस पर अदालत ने नाराजगी जताते हुए मामले को गंभीरता से लिया। कोर्ट ने कहा कि संबंधित प्रकरण में आवश्यक जानकारी और निर्देश अदालत के समक्ष उपलब्ध कराए जाएं, ताकि मामले की सुनवाई आगे बढ़ाई जा सके।
अदालत ने गोंडा डीएम को अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया है। साथ ही कोर्ट के आदेश के अनुपालन में डीएम के वेतन से पांच हजार रुपये की राशि हर्जाने के तौर पर वसूल किए जाने का आदेश दिया गया है।
मामले की अगली सुनवाई में डीएम को आवश्यक दस्तावेजों और निर्देशों के साथ अदालत के समक्ष उपस्थित होना होगा।






