लखनऊ
राजधानी के चर्चित विवेक तिवारी हत्याकांड में अदालत ने गुरुवार को फैसला सुनाते हुए तत्कालीन सिपाही प्रशांत चौधरी को गैर इरादतन हत्या का दोषी करार दिया, जबकि दूसरे आरोपी सिपाही संदीप कुमार को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। प्रशांत चौधरी की सजा पर अदालत 21 सितंबर को फैसला सुनाएगी।
एप्पल कंपनी के एरिया सेल्स मैनेजर विवेक तिवारी की 28 सितंबर 2018 की रात पुलिस की गोली लगने से मौत हो गई थी। घटना के बाद यह मामला प्रदेशभर में चर्चा का विषय बन गया था। मामले में तत्कालीन सिपाही प्रशांत चौधरी और संदीप कुमार आरोपी बनाए गए थे।
अदालत के फैसले पर विवेक तिवारी की पत्नी कल्पना तिवारी ने असंतोष जताया। उन्होंने फैसले को अन्यायपूर्ण बताते हुए कहा कि वह इसके खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील करेंगी। कल्पना ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि अदालत से न्याय मिलेगा, लेकिन फैसला उनकी अपेक्षा के अनुरूप नहीं है।
उन्होंने कहा कि यदि अदालत फांसी की सजा नहीं देती तो कम से कम दोषी को आजीवन कारावास की सजा मिलनी चाहिए थी। कल्पना ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब पुलिस की सरकारी पिस्टल से गोली चलने से एक व्यक्ति की जान चली गई, तो इसे गैर इरादतन हत्या माना जाना उनके लिए समझ से परे है। उन्होंने कहा कि फैसले के खिलाफ वह आगे कानूनी लड़ाई जारी रखेंगी।





