संभल
अगले वर्ष संभावित त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की आहट के साथ ही जनपद में जिला पंचायत चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। उत्तर प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग की तैयारियों के बीच जिले के 35 जिला पंचायत वार्डों को केंद्र में रखकर गांवों से लेकर कस्बों तक सियासी माहौल गर्माने लगा है। जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी को लेकर सत्ताधारी और विपक्षी दलों के बीच अंदरखाने रणनीतियां बनाई जा रही हैं, वहीं संभावित दावेदारों ने भी अभी से जमीनी स्तर पर सक्रियता बढ़ा दी है।
जिला पंचायत चुनाव की तैयारियां अब केवल बैठकों तक सीमित नहीं रह गई हैं। इंटरनेट मीडिया के माध्यम से प्रचार, व्यक्तिगत संपर्क, वार्ड स्तर की पंचायतें और जनसंपर्क अभियान तेज हो चुके हैं। मौजूदा विधायक, पूर्व विधायक, विभिन्न राजनीतिक दलों के जिलाध्यक्ष और संगठनात्मक पदाधिकारी वार्डवार समीकरण साधने में जुटे हैं। समर्थित प्रत्याशियों को आगे बढ़ाने को लेकर रणनीतिक मंथन लगातार जारी है।
हर बार की तरह इस बार भी जिला पंचायत चुनाव में लोकप्रियता के साथ-साथ जातिगत संतुलन निर्णायक भूमिका में नजर आ रहा है। प्रत्येक वार्ड में यह आकलन किया जा रहा है कि किस वर्ग का वोट प्रभावी रहेगा और उसी आधार पर संभावित प्रत्याशियों की दिशा तय की जा रही है।
बाहुबली डीपी यादव के पोस्टरों से बढ़ी हलचल
राजनीतिक दलों के भीतर भी समीकरण काफी अहम हो गए हैं। कई वार्डों में एक ही पार्टी के एक से अधिक दावेदार सामने आने से अंदरूनी खींचतान की स्थिति बनती दिख रही है। बाजारों, चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर पोस्टर और बैनर लगने लगे हैं। इसी बीच सियासी हलकों में उस समय चर्चा और तेज हो गई, जब बाहुबली डीपी यादव के पोस्टर और बैनर भी जिले के अलग-अलग इलाकों में नजर आने लगे। इससे जिला पंचायत चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल और अधिक बढ़ गई है







