नई दिल्ली
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे द्वारा टीनू यादव और अखिलेश यादव के बीच कथित तौर पर 980 बार फोन पर बातचीत होने का दावा किए जाने के बाद शुरू हुए विवाद में नया घटनाक्रम सामने आया है। इस मामले में निशिकांत दुबे की ओर से उनके अधिवक्ता ने पत्र भेजकर खेद व्यक्त किया है।
पत्र में कहा गया है, “मेरे मुवक्किल को इस बात का गहरा खेद है कि उनके किसी भी कथन या टिप्पणी को आपके मुवक्किल ने अनजाने में अपमानजनक अथवा आहत करने वाला समझा हो। उनके मन में आपके मुवक्किल की प्रतिष्ठा, गरिमा या पेशेवर छवि को ठेस पहुंचाने का कोई उद्देश्य नहीं था। यदि अनजाने में किसी प्रकार की ठेस पहुंची है, तो मेरे मुवक्किल इसके लिए हार्दिक क्षमा प्रार्थी हैं।”
इस घटनाक्रम के बाद विपक्ष ने भाजपा सांसद पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि बिना पर्याप्त तथ्यों के गंभीर आरोप लगाए गए और बाद में कानूनी कार्रवाई की आशंका के बीच खेद व्यक्त किया गया। वहीं, इस पूरे प्रकरण को लेकर राजनीतिक बयानबाजी का दौर जारी है।







