नई दिल्ली
जंतर-मंतर पर बुधवार रात में छात्रों और पुलिस के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। सीजेपी के अभिजीत दीपक ने दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण था, लेकिन पुलिस ने जानबूझकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की।
अभिजीत दीपक ने कहा कि दिल्ली पुलिस का व्यवहार मानवीय नहीं है। उनका आरोप है कि 20 जुलाई को भी पुलिस ने स्वयं पत्थर फेंके थे और बाद में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज कर दिया। उन्होंने दावा किया कि कुछ पुलिसकर्मी सफेद पट्टी बांधकर खुद को घायल बताने का प्रचार कर रहे हैं, जबकि प्रदर्शनकारियों ने कोई पथराव नहीं किया।
उन्होंने यह भी कहा कि धरना स्थल पर पुलिस खाने और पानी तक की आपूर्ति नहीं होने दे रही है। हर व्यक्ति की जांच के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है, ऐसे में प्रदर्शनकारी पत्थर कहां से ला सकते हैं। दीपक ने आरोप लगाया कि पुलिस ही गाड़ियों में पत्थर लाकर उन्हें इधर-उधर फेंक रही है ताकि आंदोलन को बदनाम किया जा सके।
वहीं, दिल्ली पुलिस का कहना है कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने पथराव और बोतलें फेंकीं, जिसके बाद हालात नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए और बल प्रयोग करना पड़ा।







