गोरखपुर
डायल-112 में तैनात सिपाही श्याम सुंदर चौहान पर ड्यूटी से गायब रहकर राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय होने का आरोप है। बताया जा रहा है कि वह करीब एक साल तक ड्यूटी से गायब रहा, जबकि उसकी हाजिरी लगातार लगती रही। करीब तीन महीने पहले अधिकारियों को इसकी जानकारी हुई तो उसे निलंबित कर दिया गया। इसके बावजूद वह पुलिस लाइन में हाजिर नहीं हुआ।
श्याम सुंदर सोशल मीडिया और सपा के कार्यक्रमों में सक्रिय नजर आता है। वह सपा नेताओं के स्वागत के पोस्टर जारी करने के साथ लाल टोपी में तस्वीरें पोस्ट करता है। करीब एक महीने पहले संतकबीरनगर के धनघटा में सपा की समीक्षा बैठक में उसने मंच से अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने की अपील की थी। उसने खुद को अनुसूचित जाति का बताते हुए भाजपा के दलित सांसदों-विधायकों पर आरक्षण के मुद्दे पर निशाना साधा था। उसके राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होने को लेकर पुलिस विभाग में भी सवाल उठ रहे हैं।





