उरई
राजकीय मेडिकल कॉलेज जालौन में हुए विवाद के मामले ने अब कानूनी रूप ले लिया है। पीड़ित परिवार की तहरीर पर उरई कोतवाली पुलिस ने डॉक्टर आराध्य नगाइच सहित 30 से 40 अज्ञात जूनियर और सीनियर डॉक्टरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित ब्रजकिशोर गुप्ता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह अपनी बेटी स्मृति गुप्ता का इलाज कराने मेडिकल कॉलेज पहुंचे थे। आरोप है कि इमरजेंसी में पर्चा बनाने में देरी होने पर उन्होंने आपत्ति जताई, जिसके बाद ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर आराध्य नगाइच ने उनके साथ अभद्रता करते हुए धक्का दे दिया, जिससे वह गिर पड़े।
बेटे के विरोध के बाद बढ़ा विवाद
परिवार का आरोप है कि जब ब्रजकिशोर के बेटे गोपाल ने इसका विरोध किया तो विवाद और बढ़ गया। आरोप के मुताबिक, वहां मौजूद अन्य डॉक्टर भी मौके पर आ गए और गाली-गलौज के बाद मारपीट शुरू हो गई।
पीड़ित पक्ष का कहना है कि 30 से 40 डॉक्टरों ने कुर्सियों और डंडों से हमला किया, जिसमें गोपाल गंभीर रूप से घायल हो गया। परिवार ने डॉक्टरों पर मारपीट के साथ जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है।
शहर में तनाव, पुलिस जांच में जुटी
घटना के बाद से उरई शहर में तनाव का माहौल बना हुआ है। मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन भी हुए हैं। पुलिस का कहना है कि FIR दर्ज कर ली गई है और मेडिकल कॉलेज परिसर में हुई घटना की जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।






