चंदौली
जिले में चलती ट्रेन में हुई दो यात्रियों की हत्या और इसके बाद तीसरे व्यक्ति की मौत की सनसनीखेज घटना ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। वाराणसी से लगभग 25 किलोमीटर के दायरे में तीन हत्याओं को अंजाम देने वाला आरोपी कई दिनों तक ट्रेन और स्टेशन परिसर में बेखौफ घूमता रहा, लेकिन रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और स्थानीय पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी।
बताया जा रहा है कि आरोपी के पास हथियार के साथ दो दर्जन से अधिक जिंदा कारतूस भी थे। इसके बावजूद सुरक्षा एजेंसियां उसे पकड़ने में पूरी तरह नाकाम रहीं। ग्रामीणों द्वारा पकड़े जाने के बाद ही पूरे मामले का खुलासा हो सका। माना जा रहा है कि यदि समय रहते आरोपी गिरफ्तार न होता तो वह और बड़ी वारदात को अंजाम दे सकता था।
घटना के बाद पुलिस ने देर रात आरोपी को लेकर सीन रीक्रिएशन कराया। इसी दौरान आरोपी ने कथित रूप से भागने का प्रयास किया, जिसके बाद हुई मुठभेड़ में पुलिस ने उसे मार गिराया। हालांकि आरोपी की मौत के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने राहत की सांस ली है, लेकिन हत्याओं के पीछे की असली वजह अब तक स्पष्ट नहीं हो सकी है।
सूत्रों के अनुसार पोस्टमार्टम से पहले आरोपी के पूरे शरीर का एक्स-रे कराया गया है। पुलिस को उम्मीद है कि परिजनों के आने के बाद पूछताछ में घटना के कारणों और आरोपी की मानसिक स्थिति से जुड़े अहम तथ्य सामने आ सकते हैं।
जानकारी के मुताबिक पूर्व सैनिक गुरुप्रीत सिंह नौ मई से ही रेलवे जंक्शन और आसपास के क्षेत्रों में घूम रहा था, लेकिन किसी भी सुरक्षा कर्मी ने उससे पूछताछ करना जरूरी नहीं समझा। इस लापरवाही ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है।
रेलवे स्टेशनों पर लगाए गए मेटल डिटेक्टर, बैगेज स्कैनर और सीसीटीवी कैमरे केवल औपचारिकता बनकर रह गए हैं। सुरक्षा एजेंसियों की सुस्ती का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि हथियार और भारी मात्रा में कारतूस लेकर घूम रहे आरोपी पर किसी की नजर नहीं पड़ी। आमतौर पर बम की धमकी या किसी बड़े हादसे के बाद ही सुरक्षा व्यवस्था सक्रिय दिखाई देती है, लेकिन कुछ समय बाद हालात फिर पुराने ढर्रे पर लौट आते हैं।
- घटना के बाद रेलवे और सिविल पुलिस के अधिकारियों के बीच भी तनाव की स्थिति बन गई है। दोनों विभाग एक-दूसरे पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। उधर, लगातार हुई हत्याओं से यात्रियों में दहशत का माहौल है और लोग रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं।





