लक्ष्मीपुर महराजगंज से श्रीनरायन गुप्ता
पुरन्दरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत विशुनपुर कुर्थिया में चकबंदी के दौरान कथित रिश्वतखोरी का मामला अब नया मोड़ लेता जा रहा है। चकबंदी लेखपाल का किसान से रुपये लेते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पीड़ित किसान जयप्रकाश पाण्डेय ने 6 जुलाई को पुनः मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर दोबारा विस्तृत शिकायत दर्ज कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है। हालांकि रिश्वत लेते वीडियो वायरल होने के बाद 2 जुलाई को ही आरोपी लेखपाल को निलंबित कर दिया गया था।
मुख्यमंत्री पोर्टल पर दर्ज शिकायत में किसान जयप्रकाश पाण्डेय ने आरोप लगाया है कि गांव में चल रही चकबंदी प्रक्रिया के दौरान उनकी और उनके भाई श्रीप्रकाश पाण्डेय के नाम दर्ज लगभग 16 एकड़ कृषि भूमि में गंभीर अनियमितताएं की गईं। शिकायत के अनुसार, चक संख्या-151 में बिना उनकी सहमति के गांव के दूसरे व्यक्ति का लगभग 330 एयर का उड़ान चक उनके खेत में जोड़ दिया गया। इससे उनका चक अनियमित आकार का हो गया और खेती करना मुश्किल हो गया।
पीड़ित का यह भी आरोप है कि उनके खेत में निजी खर्च से कराया गया सिंचाई का बोरिंग भी दूसरे व्यक्ति के उड़ान चक में शामिल कर दिया गया, जिससे उनकी सिंचाई व्यवस्था प्रभावित हो गई। इतना ही नहीं, उनका पूरा रकबा दिए बिना ही भूमि निकालकर दूसरे के चक में समायोजित कर दी गई तथा उनके खेत को सेक्टर मार्ग से भी पीछे कर दिया गया।
शिकायत में किसान ने आरोप लगाया है कि जब उन्होंने इस गड़बड़ी को ठीक कराने की मांग की तो चकबंदी विभाग से संबद्ध लेखपाल अनिल पाण्डेय ने एक लाख रुपये रिश्वत की मांग की। किसान का दावा है कि उसने पहले 70 हजार रुपये और बाद में 30 हजार रुपये दिए, लेकिन इसके बावजूद न तो चक में सुधार किया गया और न ही पूरा रकबा वापस मिला। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि 30 हजार रुपये लेने का वीडियो उनके पास साक्ष्य के रूप में उपलब्ध है, जो अब सोशल मीडिया पर भी वायरल हो चुका है।
पूरे प्रकरण की जांच कर रहे सीओ चकबंदी लालमणि मिश्र ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर गठित जांच समिति मामले की जांच कर रही है।







