प्रयागराज
बहरिया थाना क्षेत्र स्थित करनाईपुर गांव में सोमवार देर शाम अवैध कब्जा हटाने पहुंची राजस्व टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। कार्रवाई का नेतृत्व कर रहे नायब तहसीलदार राजीव शुक्ला के सिर पर पत्थर लगने से गंभीर चोट आई और उन्हें टांके लगाने पड़े। हमले में तीन झोपड़ियों में आग भी लगा दी गई। हालात बिगड़ते देख राजस्व टीम को कार्रवाई रोककर लौटना पड़ा। मामला 9.5 बीघा की उस विवादित जमीन से जुड़ा है, जिसकी कीमत लगभग 3 करोड़ रुपये बताई जा रही है। यह जमीन 1980 में श्याम लाल को पट्टे में मिली थी, जो बाद में आठ लोगों में ट्रांसफर हो गई। वर्ष 2018 में श्याम लाल ने अपनी 9 बिस्वा जमीन जुबैर को बेच दी, लेकिन जमीन अब भी राजेंद्र कुमार शर्मा के कब्जे में थी। इसी कब्जेदारी को लेकर दोनों पक्षों में लंबे समय से विवाद चल रहा था, जो एसडीएम कोर्ट तक पहुंचा।
एसडीएम जूही प्रसाद ने नायब तहसीलदार को आदेश दिया था कि अवैध कब्जा हटाकर जमीन जुबैर को दिलाई जाए। आदेश का पालन कराने के लिए राजस्व टीम सोमवार शाम पुलिस बल के साथ पहुंची। जैसे ही झोपड़ी हटाने के लिए बुलडोजर चलाया गया, भीड़ उग्र हो गई और पथराव शुरू कर दिया। उपद्रवियों ने तीन झोपड़ियों में आग लगा दी। एसीपी बहरिया विवेक यादव के मुताबिक, हमले में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और कुल 13 लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है। गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है तथा बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी जल्द होगी।




