लखनऊ
विकास नगर इलाके में बुधवार को एक भीषण अग्निकांड ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते 250 से अधिक झुग्गी-झोपड़ियां जलकर राख हो गईं। इस दर्दनाक हादसे में दो मासूम बच्चों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि कई लोग झुलस गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने के बाद हालात और भयावह हो गए जब झोपड़ियों में रखे गैस सिलेंडर, फ्रिज और एसी के कंप्रेसर तेज धमाकों के साथ फटने लगे। इन धमाकों से इलाके में दहशत फैल गई और लोग अपनी जान बचाकर भागने लगे। आग से उठता घना काला धुआं करीब 10 किलोमीटर दूर तक देखा गया।
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। राहत और बचाव कार्य में पुलिस और स्थानीय प्रशासन भी जुटा रहा।
प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। हालांकि, जिस जमीन पर ये झुग्गियां बनी थीं, उसकी कीमत काफी अधिक बताई जा रही है। ऐसे में स्थानीय लोगों के बीच यह आशंका भी जताई जा रही है कि कहीं यह आग किसी साजिश का हिस्सा तो नहीं थी। प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और आग के असली कारणों का पता लगाने के लिए टीम गठित की गई है। वहीं, प्रभावित परिवारों के लिए राहत शिविर और आवश्यक सहायता की व्यवस्था की जा रही है। यह हादसा न सिर्फ प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े करता है, बल्कि शहर में रहने वाले गरीब तबके की सुरक्षा और उनके पुनर्वास की गंभीर चुनौती को भी उजागर करता है।





