लखनऊ
उत्तर प्रदेश सरकार के नियंत्रणाधीन राज्य संपति विभाग ने अपने किराए के मकान में पहली बार ऐतिहासिक 39 फ़ीसदी की वृद्धि की है। इसके पहले जब भी राज संपत्ति के मकान में किराए की वृद्धि होती थी तो आमतौर पर 10 फीसदी होती थी, लेकिन इस बार राज्य संपति विभाग ने एक साथ 39 फ़ीसदी की वृद्धि की है और इसे सितंबर 2025 से लागू कर दिया गया है।
यूपी का राज्य संपति विभाग अपने अधिकारियों, कर्मचारियों, राज्य सरकार के न्यायालयों में तैनात जजों, वरिष्ठ अधिवक्ताओं और वरिष्ठ पत्रकारों को रियायती किराये पर आवास उपलब्ध कराती है।
राज्य संपत्ति के इन आवासों का किराया समाजवादी पार्टी की सरकार ने 2017 में कई गुना वृद्धि कर दी थी। उसे समय पत्रकारों में इन आवासों के किराए में भारी वृद्धि का व्यापक विरोध किया था तब तत्कालीन सरकार ने कहा था कि वह 2017 के चुनाव में जैसे वापस आएगी तो पत्रकारों को आवंटित आवासों का किराया घटा देगी। लेकिन परिस्थितियां बदलीं और प्रदेश में भाजपा की सरकार आ गयी। अब राज्य संपति विभाग स्मार्ट 6 वर्ष में ही इन आवासों के किराये में एक बार फिर 39 फ़ीसदी की ऐतिहासिक वृद्धि कर दी है। किराए की इस ऐतिहासिक वृद्धि से सरकार से वेतन लेने वाले अन्य आवंटियों पर तो कोई असर नहीं होगा, लेकिन पत्रकारों को इस किराये से भारी दिक्कत की आशंका जतायी जा रही है।



