यूपी विधानसभा में SIR पर हंगामा, कांग्रेस का बड़ा दावा—10 BLO की मौत, सरकार बोली- चुनाव आयोग का विषय
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र में मंगलवार को विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर सदन में जोरदार हंगामा देखने को मिला। विपक्ष ने SIR के दौरान बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLO) पर अत्यधिक कार्यभार, कथित अनियमितताओं और मौतों के मुद्दे पर चर्चा की मांग की, लेकिन सदन के अधिष्ठाता ने विपक्ष का प्रस्ताव खारिज कर दिया।
विपक्ष की ओर से कांग्रेस विधायक दल नेता आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि SIR प्रक्रिया के दौरान BLO पर अप्रत्याशित और अमानवीय कार्यभार डाला गया है। शिक्षक और लेखपाल दिनभर अपना नियमित कार्य करने के बाद घर-घर जाकर सर्वे कर रहे हैं और रात में डाटा अपलोड करने को मजबूर हैं।
आराधना मिश्रा ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में SIR प्रक्रिया के दौरान अब तक 10 BLO की मौत हो चुकी है, लेकिन सरकार और चुनाव आयोग ने इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया। उन्होंने मृतक कर्मचारियों के परिजनों को 50 लाख रुपये का मुआवजा और एक आश्रित को सरकारी नौकरी देने की मांग की।
सरकार की ओर से संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि SIR पूरी तरह से चुनाव आयोग का विषय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि BLO चुनाव ड्यूटी पर डेपुटेशन में कार्यरत हैं, इसलिए इस मामले में राज्य सरकार की सीधी भूमिका नहीं है।
सरकार के इस जवाब के बाद विपक्ष ने सदन में हंगामा जारी रखा, जिसके चलते कार्यवाही कुछ समय के लिए बाधित भी हुई।







