लक्ष्मीपुर, महराजगंज से श्रीनरायन गुप्ता
नौतनवा तहसील क्षेत्र के लक्ष्मीपुर विकास खण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत बनरसिहा कला में स्थित प्राचीन बौद्ध स्थल देवदह का बुधवार को जिलाधिकारी महराजगंज गौरव सिंह सागरवाल ने निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बौद्ध स्थल के समग्र विकास, पर्यटन सुविधाओं के विस्तार तथा लंबित विकास कार्यों को शीघ्र पूरा करने के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि बौद्ध स्थल देवदह ऐतिहासिक एवं धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह स्थान भगवान बुद्ध के जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण धरोहरों में शामिल है, इसलिए इसके संरक्षण एवं विकास के लिए सभी विभागों को समन्वित रूप से कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि इस स्थल को व्यवस्थित रूप से विकसित किया जाए तो यह राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बौद्ध पर्यटन के प्रमुख केंद्रों में अपनी पहचान बना सकता है।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने देवदह स्तूप के समीप स्थित विशाल जलाशय का भी अवलोकन किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जलाशय में पर्याप्त मात्रा में पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा इसके चारों ओर व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण कराया जाए। इससे क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता बढ़ेगी और आने वाले पर्यटकों को बेहतर वातावरण उपलब्ध हो सकेगा।
उन्होंने बौद्ध स्थल तक पहुंच को सुगम बनाने के लिए संपर्क मार्गों के विकास एवं मरम्मत के संबंध में भी अधिकारियों को निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि पर्यटन के विकास के लिए अच्छी सड़क व्यवस्था अत्यंत आवश्यक है। इसलिए देवदह को प्रमुख मार्गों से बेहतर ढंग से जोड़ने हेतु आवश्यक कार्यवाही प्राथमिकता के आधार पर की जाए।
जिलाधिकारी ने पंचायत विभाग को बौद्ध स्थल एवं उसके आसपास नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि देश और विदेश से आने वाले बौद्ध श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को स्वच्छ और व्यवस्थित वातावरण मिलना चाहिए। किसी भी प्रकार की असुविधा पर्यटकों की भावनाओं को प्रभावित कर सकती है। इसलिए स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों की यह जिम्मेदारी है कि यहां आने वाले पर्यटकों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।निरीक्षण के दौरान देवदह रामग्राम बौद्ध विकास समिति के अध्यक्ष जितेंद्र राव ने जिलाधिकारी को पांच सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। मांग पत्र में बौद्ध स्थल देवदह के समग्र विकास, पर्यटन सुविधाओं के विस्तार, सड़क, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं को विकसित करने की मांग की गई। समिति की ओर से अनुरोध किया गया कि देवदह को अंतरराष्ट्रीय बौद्ध पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाई जाए।जिलाधिकारी ने समिति के सदस्यों की बातों को गंभीरता से सुनते हुए कहा कि देवदह के विकास से संबंधित सभी प्रस्तावों का परीक्षण कराया जाएगा तथा जो भी कार्य संभव होंगे उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व के स्थलों का संरक्षण और विकास किया जा रहा है तथा देवदह के विकास के लिए भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी के निरीक्षण को बौद्ध स्थल के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। उनका कहना है कि यदि यहां पर्यटन सुविधाओं का विकास होता है तो क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। साथ ही बौद्ध धर्म से जुड़े श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होने से क्षेत्र को नई पहचान प्राप्त होगी।इस अवसर पर खण्ड विकास अधिकारी लक्ष्मीपुर मृत्युंजय यादव, देवदह रामग्राम बौद्ध विकास समिति के अध्यक्ष जितेंद्र राव, महेंद्र जायसवाल, लक्ष्मीचन्द्र पटेल, मनोज कन्नौजिया, प्रभुदयाल वर्मा सहित अनेक गणमान्य लोग एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।







