गोंडा
यूजीसी एक्ट 2026 के तहत प्रस्तावित नए नियमों को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर विवाद गहराता जा रहा है। कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने इन नियमों को समाज में भेदभाव बढ़ाने वाला बताते हुए तत्काल वापस लेने की मांग की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में कहा कि यह नियम देश हित में नहीं है और यदि जरूरत पड़ी तो इसके खिलाफ आंदोलन भी किया जाएगा, जिसमें सवर्ण, ओबीसी और अनुसूचित वर्ग के प्रबुद्ध लोग शामिल होंगे।
पूर्व सांसद ने कहा कि नए नियमों में जाति के आधार पर कार्रवाई और संरक्षण की बात कही गई है, जिससे समाज में भ्रम की स्थिति बन रही है। उन्होंने आशंका जताई कि इससे बच्चों के बीच आपसी भाईचारा प्रभावित होगा और वे जाति देखकर मित्रता करने लगेंगे। उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों का हवाला देते हुए कहा कि समाज को जोड़ने का काम गांव और जमीन से जुड़कर ही किया जा सकता है।
इधर, कैसरगंज सांसद करन भूषण सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर सफाई देते हुए कहा कि यूजीसी के इन नियमों के निर्माण में उनकी संसदीय स्थायी समिति की कोई भूमिका नहीं रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे समाज की भावनाओं के साथ हैं और यूजीसी से मांग करते हैं कि जनभावना का सम्मान करते हुए नियमों पर पुनर्विचार किया जाए, ताकि शिक्षा संस्थान जातिगत टकराव का केंद्र न बनें।







