महराजगंज से श्रीनरायन गुप्ता
लक्ष्मीपुर वन रेंज के केवलापुर बीट क्षेत्र में अवैध जंगल कटान लगातार जारी है, जिससे वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रतिबंध के बावजूद तस्कर बेखौफ होकर हरे-भरे पेड़ों पर कुल्हाड़ी चला रहे हैं, जबकि विभागीय कार्रवाई नाकाफी साबित हो रही है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, केवलापुर बीट के कई हिस्सों में रात के अंधेरे में बड़े पैमाने पर लकड़ी की कटाई की जा रही है। कटान के बाद लकड़ी को पिकअप और अन्य छोटे वाहनों से बाहर भेज दिया जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार सूचना देने के बावजूद समय पर कार्रवाई नहीं होती, जिससे तस्करों के हौसले बुलंद हैं।
वन विभाग की गश्त और निगरानी व्यवस्था कागजों तक सीमित नजर आ रही है। सीमित स्टाफ और संसाधनों की कमी के चलते विभाग तस्करों पर प्रभावी नियंत्रण नहीं कर पा रहा है। हालात यह हैं कि तस्कर विभागीय टीम को चकमा देकर फरार हो जाते हैं और जंगल उजड़ता जा रहा है।

लगातार हो रहे जंगल कटान से पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है। वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास नष्ट हो रहा है, वहीं क्षेत्र में तापमान बढ़ने और जलस्तर गिरने जैसी समस्याएं भी सामने आने लगी हैं।इस संदर्भ में रेंजर वेदप्रकाश शर्मा का कहना है कि अवैध कटान रोकने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द ही गश्त बढ़ाकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है।अब देखना यह है कि विभाग कब तक इस स्थिति पर काबू पाता है, या केवलापुर बीट का जंगल तस्करों के हवाले ही होता रहेगा।







