लखनऊ/नई दिल्ली।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर जुबानी जंग तेज हो गई है। बाराबंकी में आयोजित एक सभा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान को लेकर समाजवादी पार्टी और भाजपा आमने-सामने आ गई हैं। सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा कि बाबरी मस्जिद अब कभी नहीं बनेगी और जो लोग “कयामत के दिन” का सपना देख रहे हैं, वह दिन आने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार जो कहती है, वही करती है और अयोध्या में राम मंदिर निर्माण देश की सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने का उदाहरण है।
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में कानून व्यवस्था पर भी जोर देते हुए कहा कि भारत में कायदे से रहना सीखना होगा, कानून तोड़ने वालों के लिए रास्ता “जहन्नुम” की ओर जाता है। उन्होंने ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ और विकसित, वैभवशाली देश के लक्ष्य की बात कही।
सीएम योगी के इस बयान पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। नई दिल्ली में उन्होंने कहा कि जब भाजपा को सत्ता जाने का डर सताता है, तब वह कम्युनल राजनीति पर उतर आती है। अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि जिन्हें उर्दू से दिक्कत है, वे ‘कयामत’ जैसे उर्दू शब्दों का इस्तेमाल न करें। उन्होंने आरोप लगाया कि डर बढ़ने के साथ भाजपा की राजनीति और ज्यादा सांप्रदायिक होती जा रही है।





